Friday, 7 April 2017

5 Life Inspirational Motivational Quotes in Hindi With Image

5 Life Inspirational Motivational Quotes in Hindi With Image 

"एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती पर एक मिनट में सोच 
कर लिया हुआ फैसला पूरी जिंदगी बदल देता है "




" कामयाब होने के लिए आपको अकेले ही निकलना पड़ता है 
लोग आपके पीछे - पीछे तभी चलते है 
जब आप जीतने लगते है "


"टेलेंट ज्यादातर लोगो में होता है लेकिन हिम्मत बहुत कम लोगो में होती है और जिंदगी में वे लोग ही आगे बढ़ पाते है जिनमे हिम्मत होती है 
हिम्मत के बिना टेलेंट काम नहीं आता है "

"जहा तक रास्ता दिख रहा है वहा तक चलिए 
आगे का रास्ता वहा पहुचने के बाद दिखने लगेगा"

"जिस दिन आपको पता चेलेगा की नेकी करने से मन को शांति मिलती है 
तो आप बुरे काम करना छोड़ दोगे "

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"जो गिरने से डरते है वो कभी उडान नहीं भर सकते" 

"असफल होना बुरा है 
लेकिन प्रयास ही ना करना महाबुरा है "

1. असफलता के लिए लम्बा इंतजार 

कई बार लोग कामयावी के बहुत करीव पहुच कर हार मान लेते है , आपको ध्यान देना होगा की आप अपने काम को अंजाम तक पहुचाये किसी भी काम को करने में टाइम तो लगता है और जब काम बड़ा होगा तो टाइम भी बड़ा लगेगा 
2. जीवन में लक्ष्य का होना जरुरी क्यों है
यदि में आपसे पूछु  कि आपने अपने लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित कर रखे है तो आपके सिर्फ दो ही जबाब हो सकते है |
हाँ या ना .

अगर आपका जबाब हां है तो ये बहुत ही अच्छी बात है क्यों कि ज्यादातर लोग तो बिना किसी लक्ष्य के ही अपनी जिंदगी बिताये जा रहे है और आप उनसे कही बेहतर स्थिति में है |
और यदि आपका जवाब ना है तो थोडा चिंता की बात है क्यों कि भले ही अभी आपका कोई लक्ष्य ना हो पर जल्द ही सोच - विचार कर के अपने लिए लक्ष्य बना सकते है |
"लक्ष्य एक ऐसा कार्य है जिसको पाने के लिए हम अपनी सारी जिंदगी दाव पर लगा देते है "

3. कुछ बड़े अचीवमेंट लक्ष्य जरुरी है  
सही मार्गदर्शन के लिए : जब आप सुबह घर से निकलते है तो आपको पता होता है कि आपको कहा जाना है और आप वहा पहुचते है , सोचिये अगर आपको यह नहीं पता हो कि आपको जाना कहा है तो भला आप क्या करेंगे इधर - उधर भटकने में ही समय व्यर्थ हो जायेगा इसलिए यदि आपने जीवन में लक्ष्य नहीं बनाये है तो आपकी जिंदगी तो चलती रहेगी पर जब बाद में आप पीछे मुड़कर देखोगे तो शायद आपको लगेगा कि मेने कुछ अपने दैनिक जीवन में खास बड़े अचीवमेंट हासिल नहीं किये है |क्यों की किसी भी कार्य को करने के लिए एक निशिचत सीमा होती है | 
4. सेल्फ मोटिवेशन जरुरी :  
याहू | की सीईओ मारिसा मेयर कहती है कि दुनिया में दो तरह की प्रेरणा है                                 |अंदुरुनी और बाहरी |
अगर बाहरी प्रेरणा न मिले तो अंदुरुनी प्रेरणा को कायम जरुर रखे | मारिसा कहती है कि जब आप अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर असल दुनिया की अपेक्षाओ के साथ तालमेल बैठते है तो आप दोगुनी गति से सफल होते है और यही आपको सफल बनाने में काफी मदगार होगा |

5. Goal Setting : S.M.A.R.T होना चाहियें आपका लक्ष्य |  
S - Specific (स्पष्ट)
M - Measurable (जिसे मापा जा सके)
A - Achievable (पूर्ण करने योग्य)
R - Realistic (वास्तविक)
T - Time-bound (समय में बंधा हुआ)
1. Specific :- आपका लक्ष्य बिल्कुल Clear होना चाहिए 
2. Measurable :- आपका गोल ऐसा होना चाहिए जिसे किसी पैमाने पर मापा जा सके |
3. Achievable :- यदि आप कोई ऐसा गोल बनायेगे जो अन्दर से आपको एसी Feeling दे कि भाई ये तो Impossible है तो एसे गोल का कोई अर्थ नहीं है | गोल को लेकर Feeling भी ऐसा होना चाहिए कि ये काम में कर सकता हु | 
4. Realistic :- आपका गोल आपके लिए realistic होना चाहिए . जो लक्ष्य realistic है वो अचीव हो सकता है |
5. Time-bound :- गोल्स के साथ अगर आप समय सीमा निधार्रित नहीं करोगे तो आपको उसे अचीव करने की Urgency  नहीं महसूस होगी | और आप उसे पूरा करने के लिए सही प्रयत्न नहीं कर पायेगे |
  







Monday, 3 April 2017

आखिर क्या दैनिक जीवन में सफलता का रहस्य

First of all . I Would like to thank you for giving me the wonderful opportunity to introductions my self in-front of you.
सफलता का वीडियो में रहस्य जानने के लिए हमारे इस लिंक पर क्लिक करे  https://youtu.be/QoqNY1HPJjU


"जितना कठिन संघर्ष होगा | जीत उतनी ही शानदार होगी 
अगर जिंदगी में कुछ बड़ा बनना चाहते हो तो खुद पर निर्भर व खुद का  डिसीजन लेना सीखो" |

क्लास में जब सब बच्चे अपने - अपने काम करने में बिजी थे तब क्लास में टीचर ने देखा की एक छोटा बच्चा कुछ सोच रहा है टीचर ने उसे अपने पास बुलाकर कहा तुम इतनी गहराई से क्या सोच रहे हो | उस बच्चे ने पूछा सफल होने का रहष्य क्या है हम केसे सफल हो सकते है |

टीचर उस बच्चे को स्कूल के स्विमिंग पूल के पास लेकर गए | और अचानक उस बच्चे को पकड़कर स्विमिंग पूल में डुबो दिया | बच्चा बार - बार ऊपर आने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह टीचर उस वच्चे को पुल में दुवोये रखा | जब वच्चा बुरी तरह छटपटाने लगा तो उसने छोड़ दिया |
वह वच्चा पुल से बहार निकल कर तेज - तेज सांसे लेने लगा | टीचर ने पूछा जब मेने तुम्हे पुल में डुबोये रखा जब तुम क्या चाहते थे | में केवल यह सोच रहा था की में केसे साँस ले पाउँगा | सफलता का भी यही रहस्य है जिस तरह तुम साँस लेने के बारे में सोच रहे थे | ठीक उसी तरह तुम सफलता को चाहने लगोगे उस दिन सफलता 100 % आपको मिल जाएगी |

जल्दी सफल होने  के कुछ टिप्स 

1:- जल्दी उठना व साफ शुद्ध हवा लेना 


2 :- अपने लिए समय निकलना 

3 :- सोच बड़ी रखना 

4 :- अपना गोल हमेशा अपने सामने रखना |











Saturday, 1 April 2017

ऐसे लोगो से हमेशा दूर रहना चाहिए

नमस्कार मेरे दोस्तों में उदयवीर अपने व्लाग दैनिक जीवन में आपका हार्दिक अभिनन्दन करता हु |
अभी - अभी मेरे पास कुछ  सुन्दर  पंक्तियाँ आई है | जिसको में अपने माध्यम से शेयर करना चाहता हु

ध्यानपूर्वक पढना मेरे दोस्तों :-  हर पतंग को एक न एक दिन कचरे  में जाना है |  लेकिन उससे पहले आसमान को छूकर दिखाना है | पतंग का जन्म क्यों होता है | पता है कचरे में जाना है कुछ समय बाद वो कट जायेगी . फट जाएगी गिर जाएगी | लेकिन उसका जन्म कटने , फटने , या गिरने के लिए नहीं हुआ |
मेरे दोस्तों जन्म तो उसका एक बार आसमान को चीरने के लिए ऊचाई पर जाने के लिए होता है | ठीक उसी तरह हम सब भी मिटटी में मिल जायेगे | खत्म हो जायेगे लेकिन उससे पहले सिखर पर जाना होता है | उससे पहले हम पैदा क्यों हुये | ऊपर बाले ने हमारे ऊपर इतना समय क्यों लगाया इसलिए की हमे अपने आप को यहा प्रूव करके जाना होगा |

जाना मिट्टी में है यह भी निश्चित है | ऐसे में कई ज्ञानी डायलोक मारते है - क्या लेकर आया है क्या लेकर जायेगा | ये सब काम चोर लोग है जो लोग इस टाईप की बात करते है | तो ठीक है जितनी प्रोपर्टी तेरे नाम है | जब क्या लेकर आया था क्या लेकर जायेगा तो मेरे नाम कर दे | क्योकि उसे तो तू लेकर जा पायेगा नहीं |
अपने बच्चो के नाम क्यों करता है उसे भी खाली हाथ जाना है | उसको भी मिटटी में मिल जाना  है इससे अच्छा मेरे को देदे |   तो ये सब फालतू की बकबास बाते है आज में आपसे कहना चाहता हु कि "ये वायरस है ऐसे लोगो से दूर ही रहना " क्यों की हर चीज की एक उम्र होती है काम करने उम्र होती है | जब परिवार के भीतर उसके बीच जाकर बेठो तो सबसे अच्छे पिता बनो सबसे अच्छी माँ , भाई बहन , बनो ये डायलोक मारने की जरुरत नहीं | ट्राई पूरा करो | 
जब व्यापार कर रहे हो तो अपने फील्ड में टॉप के लोगो में रहने का ट्राई करो |  फिर ये डायलोक मत मारो क्या हासिल हो जायेगा एक दिन टॉप पर पहुच कर एक दिन उसको भी खत्म होना है |
एक दिन मेरे को भी खत्म होना है | तव खत्म होना है बाद में देखेंगे उसको सब फ़िल्मी डायलोक मत सुनाओ |
यदि खुद पेसे कमाने की कोई इच्छा नहीं है | लेकिन क़ाबलियत है तो दुसरो के लिए कमाओ तुम मत यूज़ करना उसे : दान कर देना कुछ अस्पताल बनवा देना , कुछ अनाथ आश्रम खुलवा देना , कुछ की शादी करा देना , कुछ का घर बनवा देना | 

यदि प्रभु ने प्रकृति  ने आपको ये कावलियत दी है आपको ये छमता दी है आपको ये ज्ञान दिया है आप ये अर्न कर सकते है | आपको कॉन्फिडेंस दिया है आपको लीडरशिप दी है आपको पेसे का प्रयोग नहीं करना है कोई दिक्कत नहीं समाज के लिए कमायें |
आज बिल गेट्स क्या कर रहे है | इतना पैसा कमाने के बाद बिल एंड  मेलिंडा  गेट्स फाउन्डेशन बना कर पूरी सम्पति दान कर दी | मार्क जुकर वर्ग ने दान कर दी | बारेन मुल्लिक ने दान कर दी  | आप भी दान कर देना | 
फर्क इस बात से नहीं पड़ता की आप कितने सफल हो | फर्क इस बात से पड़ता है कि आपने कितनी सफलता प्राप्त की | आप में  1000 तक पहुचने की योग्यता थी | और आप 100 या 150 या 200 पर ही रुक गये तो आप सफल नहीं हो |
भले ही आपके साथी 20 या 50 पर है तो में उनकी तुलना में सफल हु | गलत आप सफल नहीं है | क्योकि आपमें 1000 की योग्यता थी | किसी भी मशीन की या गाड़ी की इज्जत तब होती है जब वो 100 % रिजल्ट देती है |
किसी भी गाड़ी की इज्जत तब होती है | जब वो अपने टाइम पर पहुचे |
कोई भी ट्रेन लेट होती है तो गालिया खाती है कोई भी फ्लाइट रद्द होती है तो बो भी गालिया खाती है | सराहना उसको मिलती है जो समय पर पहुचता हो |
तो साथियों सबको एक दिन मिटटी में मिल जाना है लेकिन उससे पहले पतंग की तरह अपने जीवन के उद्देश्य को समझना है अपनी जिंदगी में  टारगेट बनाओ और उन्हें कम्प्लीट करो |

आशा करता हु इसी तरह आपको दैनिक जीवन का उद्देश्य समझ में आया होगा |


अपना जबाब कमेन्ट जरुर करे | 




  



















































































About of Denik Jeevan

दैनिक जीवन में आपका हार्दिक  स्वागत है यह एक हिंदी मोटिवेशन ब्लॉग है ? इस ब्लॉग में रेगुलर प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत होंगी दैनिक जीवन में हमे किन-किन बातो का ध्यान रखना चाहिए जीवन में हमें कोन सा कदम हमे नई ऊचाइयों तक ले जायेगा ऐसी बातें जो पढ़कर लाइफ में कुछ करने का हौसला जाग्रत हो 

जीवन एक संघर्ष है जो हमे मरते दम तक करना ?

"Positive लोग ये पांच चीजे अलग तरीके से करते है "

"नमस्कार मेरे दोस्तों में उदयवीर आपका अपने ब्लाग दैनिक जीवन में आपका स्वागत करता हू "
Positive Mind ही हमेशा Positive Results दे सकता है यानि की जो इन्सान  Positive है उसके मन की स्थिति एसी होती है की वो किसी भी परिस्थितियों में रहे हमेशा Positive Results के बारे में सोचेगा
हमेशा एक सिचुएशन के अन्दर दो इंसान रहते है |
एक Positive है और एक Negative है
जो इंसान पॉजिटिव है वो अपने आप को आबाद कर लेगा और जो नेगेटिव है वो अपने आप को बर्वाद कर लेगा |
इस लिए पॉजिटिव इंसान को हमेशा होप ही होप नज़र आता है और नेगेटिव इंसान को होप ही नहीं दिखती |
आज में आपको बताऊंगा आपको जो पॉजिटिव लोग होते वो ये पांच चीजें Definitely करते है |
हो सकता है आप मैं से कुछ लोग अपने दैनिक जीवन मैं  ये पांच चीजे अवश्य कर रहे हो |

NO.1 - THEY DON'T LOOK FOR HAPPINESS THEY CREATE IT.
जो लोग Positive होते है वह अपने दैनिक जीवन मै Happiness का इंतज़ार नहीं करते कि खुशियाँ कही से चल कर आयेगी वो लोग खुशियाँ खुद बनाते है |
यानि कि अपने आस पास का Environment कुछ इस तरीके से बनाते है कि सारे लोग खुश रहे |  आपने दशरथ मांझी की फिल्म  "The Mountain Man" देखी है तो उस फिल्म का फेमस डायलॉग है | "कि भगवान के भरोसे नहीं बेठना है क्या पता भगवान हमारे भरोसे बेठा हो" | इसलियें जो लोग पॉजिटिव होते है वो लोग इस चीज का इन्तजार नहीं करते है | कि खुशिया कही से आयेगी वो खुशिया खुद बनाते है |

NO.2  - THEY TREAT THEMSELVES WELL.
जो लोग पॉजिटिव होते है उन्हें पता होता है | कि हर चीज कि शुरुआत अपने आप से करनी है वो लोग अपनी रेस्पेक्ट करते है अपने आप से प्यार करते है | और अपना केयर खुद करते है यानि कि सबसे पहले आप अपने को ठीक रखेंगे तभी तो दुसरों को ठीक रख पायेगे इसलिए वह अच्छा भोजन लेते है |
अच्छी डायट लेते है | Exercise करते है मैडिटेशन करते है और अपने आप को एनर्जेटिक रखते है | तभी तो दुसरे के अन्दर पॉजिटिवटी लापायेंगे | तो अपने आप को किस तरीके से ट्रीट करना है |

NO.3.- THEY AVOID A VICTIM MENTALITY .
जो लोग पॉजिटिव होते है | वो कभी किसी को ब्लेमं नहीं करते किसी इंसान को किसी परिस्तिथि में ब्लेम नहीं करते | जब कोई इंसान किसी को ब्लेम करता है या दोष देता है | तो उस वक्त होता क्या है कि वह उस समय अपनी पॉवर कम कर रहा होता है | और जो लोग पॉजिटिव होते है उन्हें पता होता है कि हमें अपनी पॉवर किसी और को नहीं देनी है | यही तो खास बात होती है पॉजिटिव लोगो की |
और  किसी परिस्तिथि की वजह से कुछ चीजे ख़राब हो गई है | तो वो उन चीजो को ठीक करने की कोशिश करते है | ना कि किसी और को ब्लेम देकर के अपने आप को सेफ या फिर उस परिस्तिथि से भागने की कोशिश करते है |

NO.4. - THEY TRY NEW THINGS OFTEN.
जो लोग पॉजिटिव होते है | वो अपने दैनिक जीवन मै नई चीजे जरुर ट्राई करते है क्योकि उन्हें पता होता है |
जब तक नई चीज नहीं करेंगे तो वह अपने दैनिक जीवन में नया नहीं सीखेंगे | क्योकि अगर नया सीखना है तो नई चीजे ट्राई करनी ही होंगी |
ऐसे लोग कभी कम्फरटेबल जोन में नहीं रहते है वो कुछ न कुछ अपने जीवन में नया करते रहते है |
क्योकि नया करने से उनके अन्दर Strength और उनकी Ability जो है वो बहुत अच्छी हो जाती है | अगर उन्होंने नया ट्राई किया और उसके अन्दर वो फ़ैल हो गए तो वो लोग गलतियों को दुबारा नहीं दोहराते है और जब आप नया ट्राई करते है तो आपकी लर्निंग हो जाती है जिससे कि आप दुसरे लोगो को भी आप अच्छे तरीके से गाइड कर सकते है |

NO.5. - THEY DON'T SWEAT THE SMALL STUFF.
जो लोग पॉजिटिव होते है | वो लोग छोटी - छोटी चीजो को लेकर घबराते नहीं है | उनकी खास बात ये होती है कि उन्हें पता होता है कि अगर इन छोटी चीजो से में अपनी इंटरनल मेमोरी को क्यों ख़राब करू |  क्योकि जो चीजे दैनिक जीवन में होती है वह Temporary है | वह एक दिन ठीक हो जानी है और पॉजिटिव लोगो को पता होता है कि अगर वो उन चीजो के ऊपर Continuously काम करेंगे तो वो चीजे ठीक हो जायेगी |   इसलिए वह अपने इंटरनल मेमोरी को ख़राब नहीं करते है छोटी -छोटी चीजो को लेकर अपने दैनिक जीवन मै "STAY HAPPY STAY POSITIVIST" हमेशा खुश रहे और सकारात्मक सोचे  |||


"अगर अच्छा जीवन जीना है तो इंसान को हमेशा पॉजिटिव ही सोचना चाहिए क्योकि सबकुछ अच्छा या बुरा हमारी सोच पर निर्भर करता है "

तो उम्मीद करता हु दोस्तों आपको ये पंक्तिया जरुर  पसंद आई होंगी | अपनी राय कमेन्ट वॉक्स में जरुर दे 
धन्यवाद 






















Saturday, 25 March 2017

कछुए और खरगोश की प्रेरणादायक कहानी



कछुए और खरगोश की कहानी 

दोस्तों आपने कछुए और खरगोश की कहानी ज़रूर सुनी होगी, just to remind you; short में यहाँ बता देता हूँ:
एक बार खरगोश को अपनी तेज चाल पर घमंड हो गया  और वो जो मिलता उसे रेस लगाने के लिए challenge करता रहता।
कछुए ने उसकी चुनौती स्वीकार कर ली।
रेस हुई। खरगोश तेजी से भागा और काफी आगे जाने पर पीछे मुड़ कर देखा, कछुआ कहीं आता नज़र नहीं आया, उसने मन ही मन सोचा कछुए को तो यहाँ तक आने में बहुत समय लगेगा, चलो थोड़ी देर आराम कर लेते हैं, और वह एक पेड़ के नीचे लेट गया। लेटे-लेटे  कब उसकी आँख लग गयी पता ही नहीं चला।
उधर कछुआ धीरे-धीरे मगर लगातार चलता रहा। बहुत देर बाद जब खरगोश की आँख खुली तो कछुआ फिनिशिंग लाइन तक पहुँचने वाला था। खरगोश तेजी से भागा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कछुआ रेस जीत गया।








Moral of the story: Slow and steady wins the race. धीमा और लगातार चलने वाला रेस जीतता है।
ये कहानी तो हम सब जानते हैं, अब आगे की कहानी देखते हैं:
रेस हारने के बाद खरगोश निराश हो जाता है, वो अपनी हार पर चिंतन करता है और उसे समझ आता है कि वो over-confident होने के कारण ये रेस हार गयाउसे अपनी मंजिल तक पहुँच कर ही रुकना चाहिए था।
अगले दिन वो फिर से कछुए को दौड़ की चुनौती देता है। कछुआ पहली रेस जीत कर आत्मविश्वाश से भरा होता है और तुरंत मान जाता है।
रेस होती है, इस बार खरगोश बिना रुके अंत तक दौड़ता जाता है, और कछुए को एक बहुत बड़े अंतर से हराता है।

Moral of the story: Fast and consistent will always beat the slow and steady. / तेज और लगातार चलने वाला धीमे और लगातार चलने वाले से हमेशा जीत जाता है।
यानि slow and steady होना अच्छा है लेकिन fast and consistent   होना और भी अच्छा है।
For example, अगर किसी ऑफिस में इन दो टाइप्स के लोग हैं तो वे ज्यादा तेजी से आगे बढ़ते हैं जो fast भी हैं और अपने फील्ड में consistent भी हैं।
कहानी अभी बाकी है मेरे दोस्त….
इस बार कछुआ कुछ सोच-विचार करता है और उसे ये बात समझ आती है कि जिस तरह से अभी रेस हो रही है वो कभी-भी इसे जीत नहीं सकता।
वो एक बार फिर खरगोश को एक नयी रेस के लिए चैलेंज करता है, पर इस बार वो रेस का रूट अपने मुताबिक रखने को कहता है। खरगोश तैयार हो जाता है।
रेस शुरू होती है। खरगोश तेजी से तय स्थान की और भागता है, पर उस रास्ते में एक तेज धार नदी बह रही होती है, बेचारे खरगोश को वहीँ रुकना पड़ता है। कछुआ धीरे-धीरे चलता हुआ वहां पहुँचता है, आराम से नदी पार करता है और लक्ष्य तक पहुँच कर रेस जीत जाता है। 



Moral of the story: Know your core competencies and work accordingly to succeed. / पहले अपनी strengths को जानो और उसके मुताबिक काम करो जीत ज़रुर मिलेगी.
For Ex: अगर आप एक अच्छे वक्ता हैं तो आपको आगे बढ़कर ऐसे अवसरों को लेना चाहिए जहाँ public speaking का मौका मिले। ऐसा करके आप अपनी organization में तेजी से ग्रो कर सकते हैं।
कहानी अभी भी बाकी है मेरे दोस्त …..
इतनी रेस करने के बाद अब कछुआ और खरगोश अच्छे  दोस्त बन गए थे और एक दुसरे की ताकत और कमजोरी समझने लगे थे। दोनों ने मिलकर विचार किया कि अगर हम एक दुसरे का साथ दें तो कोई भी रेस आसानी से जीत सकते हैं।
इसलिए दोनों ने आखिरी रेस एक बार फिर से मिलकर दौड़ने का फैसला किया, पर इस बार as a competitor नहीं बल्कि as a team काम करने का निश्चय लिया।
दोनों स्टार्टिंग लाइन पे खड़े हो गए….get set go…. और तुरंत ही खरगोश ने कछुए को ऊपर उठा लिया और तेजी से दौड़ने लगा। दोनों जल्द ही नदी के किनारे पहुँच गए। अब कछुए की बारी थी, कछुए ने खरगोश को अपनी पीठ बैठाया और दोनों आराम से नदी पार कर गए। अब एक बार फिर खरगोश कछुए को उठा फिनिशिंग लाइन की ओर दौड़ पड़ा और दोनों ने साथ मिलकर रिकॉर्ड टाइम में रेस पूरी कर ली। दोनों बहुत ही खुश और संतुष्ट थे, आज से पहले कोई रेस जीत कर उन्हें इतनी ख़ुशी नहीं मिली थी।


Moral of the story: Team Work is always better than individual performance. / टीम वर्क हमेशा व्यक्तिगत प्रदर्शन से बेहतर होता है।
Individually चाहे आप जितने बड़े performer हों लेकिन अकेले दम पर हर मैच नहीं जीता सकते।
अगर लगातार जीतना है तो आपको टीम में काम करना सीखना होगा, आपको अपनी काबिलियत के आलावा दूसरों की ताकत को भी समझना होगा। और जब जैसी situation हो, उसके हिसाब से टीम की strengths को use करना होगा।
यहाँ एक बात और ध्यान देने वाली है। खरगोश और कछुआ दोनों ही अपनी हार के बाद निराश हो कर बैठ नहीं गए, बल्कि उन्होंने स्थिति को समझने की कोशिश की और अपने आप को नयी चुनौती के लिए तैयार किया। जहाँ खरगोश ने अपनी हार के बाद और अधिक मेहनत की वहीँ कछुए ने अपनी हार को जीत में बदलने के लिए अपनी strategy में बदलाव किया।
जब कभी आप फेल हों तो या तो अधिक मेहनत करें या अपनी रणनीति में बदलाव लाएं या दोनों ही करें, पर कभी भी हार को आखिरी मान कर निराश न होंबड़ी से बड़ी हार के बाद भी जीत हासिल की जा सकती है!



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दोस्तों नमस्ते || में उदय वीर सिंह  आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ।  आज में आपको ऐसी इंडस्ट्री से रूबरू कराने जा रहा हु | जो नेटवर्क मार्क...